Sabad (सबद) – Shodh Patrika

Sabad (सबद)

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

ISSN: Applied (Online) 
ISSN: Applied (Print)

Call For Paper - Volume - 1 Issue - 2 (January - March 2026)

Plagiarism Policy

Sabad : साहित्यिक चोरी नीति (Plagiarism Policy)

Sabad में प्रस्तुत सभी पांडुलिपियों के लिए मौलिकता, प्रामाणिकता और अकादमिक ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पत्रिका एक कठोर साहित्यिक चोरी (Plagiarism) नीति का पालन करती है। इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रकाशित सभी शोध-पत्र पूर्णतः मौलिक हों तथा किसी भी स्रोत से सामग्री का अनुचित या बिना श्रेय उपयोग न किया गया हो।


साहित्यिक चोरी नीति के प्रमुख बिंदु

1. साहित्यिक चोरी के प्रकार

Sabad में किसी भी प्रकार की साहित्यिक चोरी अस्वीकार्य है। इसमें बिना उचित संदर्भ या श्रेय दिए पुस्तकों, शोध-पत्रों, पत्रिकाओं, वेबसाइटों या अन्य डिजिटल स्रोतों से पाठ, विचार, आँकड़े, तालिकाएँ, चित्र, ग्राफ़ अथवा चार्ट्स का उपयोग शामिल है।
इसमें आत्म-साहित्यिक चोरी (Self-Plagiarism) भी सम्मिलित है, जिसमें लेखक अपने पूर्व प्रकाशित कार्य का पुनः उपयोग बिना उपयुक्त संदर्भ के करता है।


2. साहित्यिक चोरी का परीक्षण

पत्रिका में प्राप्त सभी पांडुलिपियों को प्रकाशन से पूर्व स्वीकृत साहित्यिक चोरी जाँच उपकरणों (जैसे iThenticate या समकक्ष सॉफ़्टवेयर) के माध्यम से जाँचा जाता है।
जाँच के दौरान समानता प्रतिशत, संदर्भों की प्रामाणिकता और उद्धरणों की उपयुक्तता का विशेष ध्यान रखा जाता है। निर्धारित सीमा से अधिक समानता पाए जाने पर पांडुलिपि को अस्वीकार किया जा सकता है।


3. उचित श्रेय एवं अनुमति

लेखकों का दायित्व है कि वे सभी उद्धरणों, विचारों और संदर्भित सामग्री को स्पष्ट रूप से श्रेय दें। यदि किसी पूर्व प्रकाशित सामग्री, चित्र, तालिका या अन्य कॉपीराइट-संरक्षित सामग्री का उपयोग किया गया है, तो संबंधित अधिकारधारी से अनुमति प्राप्त करना और उसका उल्लेख करना अनिवार्य है। बिना अनुमति या संदर्भ के सामग्री का उपयोग साहित्यिक चोरी की श्रेणी में आता है।


4. निष्पक्षता एवं पारदर्शिता

लेखकों को समीक्षा प्रक्रिया के दौरान अपने स्वयं के पूर्व कार्यों का भी उपयुक्त संदर्भ देना आवश्यक है, भले ही लेख डबल-ब्लाइंड समीक्षा प्रक्रिया के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया हो। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और समीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष एवं विश्वसनीय होती है।


5. दंड एवं परिणाम

यदि किसी पांडुलिपि में साहित्यिक चोरी की पुष्टि होती है, तो उसे तत्काल अस्वीकार कर दिया जाएगा। गंभीर या बार-बार उल्लंघन की स्थिति में लेखक को भविष्य में पत्रिका में प्रकाशन से प्रतिबंधित किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लेखक के संस्थान को सूचित करने का अधिकार भी पत्रिका सुरक्षित रखती है।


नीति का महत्व

Sabad साहित्यिक चोरी के प्रति शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाती है। यह नीति न केवल शोध की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि अकादमिक जगत में पत्रिका की प्रतिष्ठा और पाठकों के विश्वास को भी सुदृढ़ करती है।

मौलिकता, ईमानदारी और बौद्धिक उत्तरदायित्व Sabad की मूल प्रतिबद्धताएँ हैं, और यह साहित्यिक चोरी नीति उसी प्रतिबद्धता का औपचारिक और स्पष्ट प्रतिरूप है।