सबद : पीयर रिव्यू प्रक्रिया
Sabad में पीयर रिव्यू (समीक्षा) प्रक्रिया प्रस्तुत शोध-पत्रों की गुणवत्ता, मौलिकता, निष्पक्षता और अकादमिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का एक अनिवार्य चरण है। यह प्रक्रिया शोधार्थियों और लेखकों को स्वीकृत शैक्षणिक मानकों के अनुरूप अनुसंधान प्रस्तुत करने में सहयोग प्रदान करती है। नीचे सबद की पीयर रिव्यू प्रक्रिया का क्रमबद्ध विवरण प्रस्तुत है—
1. प्रारंभिक जाँच
पत्रिका में प्राप्त सभी पांडुलिपियों की सर्वप्रथम प्रारंभिक जाँच संपादकीय टीम द्वारा की जाती है। इस चरण में यह सुनिश्चित किया जाता है कि लेख पत्रिका के विषय-क्षेत्र, संरचना, भाषा और फॉर्मेटिंग दिशानिर्देशों के अनुरूप है। साथ ही, लेख की मौलिकता सुनिश्चित करने के लिए साहित्यिक चोरी (Plagiarism) परीक्षण भी किया जाता है।
2. संपादकीय मूल्यांकन
प्रारंभिक जाँच के उपरांत संपादक यह निर्णय लेते हैं कि पांडुलिपि समीक्षा हेतु उपयुक्त है या नहीं। यदि लेख आवश्यक मानकों को पूरा करता है, तो उसे पीयर रिव्यू प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाता है। मानकों पर खरा न उतरने की स्थिति में लेख को आवश्यक सुझावों के साथ लेखक को संशोधन हेतु लौटाया जा सकता है।
3. समीक्षक चयन
लेख के विषय और प्रकृति के अनुरूप संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ स्वतंत्र समीक्षकों का चयन किया जाता है। सबद डबल-ब्लाइंड पीयर रिव्यू पद्धति का अनुसरण करती है, जिसमें लेखक और समीक्षक दोनों की पहचान गोपनीय रहती है। इससे निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी समीक्षा सुनिश्चित होती है।
4. समीक्षा प्रक्रिया
समीक्षक पांडुलिपि का मूल्यांकन निम्नलिखित प्रमुख मानदंडों के आधार पर करते हैं—
मौलिकता: शोध का नवीन और मौलिक होना
प्रासंगिकता एवं महत्व: विषय की अकादमिक एवं सामाजिक उपयोगिता
शोध पद्धति: अनुसंधान की पद्धति, तर्क और विश्लेषण की वैज्ञानिकता
स्पष्टता: भाषा, संरचना और प्रस्तुति की स्पष्टता
सटीकता: निष्कर्षों की तार्किकता और विश्वसनीयता
5. समीक्षा रिपोर्ट एवं अनुशंसा
प्रत्येक समीक्षक अपनी विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करता है, जिसमें लेख की विशेषताओं, सीमाओं और आवश्यक सुधारों का उल्लेख होता है। समीक्षा के आधार पर निम्नलिखित अनुशंसाएँ की जा सकती हैं—
स्वीकृति
संशोधन के बाद स्वीकृति
पुनः प्रस्तुतिकरण
अस्वीकृति
6. संशोधन एवं पुनः प्रस्तुति
यदि लेख को संशोधन के साथ स्वीकृति दी जाती है, तो लेखक समीक्षकों द्वारा सुझाए गए सुधारों के अनुसार संशोधित पांडुलिपि पुनः प्रस्तुत करते हैं। साथ ही, यह स्पष्ट किया जाता है कि किन सुझावों पर किस प्रकार संशोधन किया गया है।
7. अंतिम निर्णय
संशोधित लेख की आवश्यकता अनुसार पुनः समीक्षा की जा सकती है। अंतिम प्रकाशन निर्णय संपादक द्वारा सभी समीक्षात्मक टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए लिया जाता है।
8. प्रकाशन पूर्व तैयारी
स्वीकृत लेख को प्रकाशन के लिए अंतिम रूप दिया जाता है। इस चरण में भाषा-संपादन, फॉर्मेटिंग, संदर्भ-सूची और प्रस्तुति से संबंधित सभी तकनीकी पहलुओं की जाँच की जाती है।
9. प्रकाशन एवं अभिलेखन
सभी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद लेख प्रकाशित किया जाता है तथा उसे पत्रिका के ऑनलाइन संग्रह में सम्मिलित किया जाता है। लेखकों को प्रकाशन से संबंधित औपचारिक सूचना प्रदान की जाती है।
सबद की पीयर रिव्यू प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि प्रकाशित शोध-पत्र अकादमिक दृष्टि से विश्वसनीय, मौलिक और उच्च गुणवत्ता वाले हों। यह प्रक्रिया शोधकर्ताओं और समीक्षकों दोनों के लिए ज्ञान-विकास और बौद्धिक परिष्कार का अवसर प्रदान करती है।