हमारे बारे में : Sabad पत्रिका
Sabad एक समर्पित साहित्यिक एवं वैचारिक शोध पत्रिका है, जिसका उद्देश्य हिंदी केंद्रित ज्ञान-परंपरा को समृद्ध करना और गंभीर बौद्धिक लेखन को प्रोत्साहित करना है। यह पत्रिका उन शोधोन्मुख और चिंतनशील प्रयासों का परिणाम है, जिनका लक्ष्य साहित्य, संस्कृति और समाज के बीच सार्थक संबंध स्थापित करना तथा विद्वत्तापूर्ण संवाद को व्यापक मंच प्रदान करना है। Sabad का निर्माण इस विश्वास पर आधारित है कि शब्द केवल रचना नहीं, बल्कि विचार, दृष्टि और सामाजिक चेतना का वाहक होता है।
हमारी पत्रिका का कार्यक्षेत्र हिंदी भाषा और साहित्य तक सीमित न होकर उससे जुड़े सांस्कृतिक, सामाजिक और वैचारिक आयामों तक विस्तृत है। हम ऐसे लेखन और शोध को बढ़ावा देते हैं जो परंपरा और आधुनिकता, सिद्धांत और व्यवहार, तथा साहित्य और समाज के बीच संबंधों का गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत करे। Sabad में प्रकाशित सामग्री का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पाठकों और शोधकर्ताओं में आलोचनात्मक सोच और विमर्शशील दृष्टिकोण विकसित करना भी है।
Sabad का संपादकीय दृष्टिकोण गुणवत्ता, संतुलन और प्रासंगिकता पर आधारित है। हम मानते हैं कि एक सशक्त शोध पत्रिका वही है जो विविध मतों और दृष्टियों को स्थान दे, परंतु अकादमिक अनुशासन और प्रमाणिकता से समझौता न करे। इसी कारण पत्रिका में प्रकाशित होने वाली सामग्री चयनित, परिष्कृत और विषयानुकूल होती है। हम मौलिकता को विशेष महत्व देते हैं और लेखन में संदर्भ शुद्धता, तार्किक संरचना तथा स्पष्ट अभिव्यक्ति को आवश्यक मानते हैं।
यह पत्रिका स्थापित विद्वानों के साथ-साथ नवोदित शोधार्थियों और युवा लेखकों को भी समान रूप से अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा समावेशी मंच तैयार करना है जहाँ अनुभव और नवीनता दोनों का संतुलित समागम हो। Sabad उभरते शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करता है कि वे अपने अध्ययन और विचार को अकादमिक रूप में प्रस्तुत करें और व्यापक बौद्धिक समुदाय से जुड़ें।
हम यह भी मानते हैं कि वर्तमान समय में साहित्य और विचार की भूमिका केवल अकादमिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका संबंध सामाजिक संवेदना, सांस्कृतिक समझ और मानवीय मूल्यों से भी है। इसलिए Sabad उन विषयों और दृष्टिकोणों को प्राथमिकता देता है जो समाजोपयोगी हों, संवाद को आगे बढ़ाएँ और रचनात्मक बहस को जन्म दें।