Sabad : उद्देश्य और क्षेत्र (Aim & Scope)
उद्देश्य (Aim):
Sabad का उद्देश्य हिन्दी भाषा में साहित्य, संस्कृति, समाज और समकालीन विमर्श के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले शोध एवं वैचारिक लेखन को प्रोत्साहित करना है। यह पत्रिका लेखकों, शोधार्थियों, शिक्षकों और विचारकों को एक ऐसा अकादमिक मंच प्रदान करती है, जहाँ वे अपने शोध निष्कर्षों, आलोचनात्मक दृष्टिकोणों और रचनात्मक विचारों को व्यवस्थित एवं विद्वतापूर्ण रूप में प्रस्तुत कर सकें।
पत्रिका का लक्ष्य हिन्दी में बौद्धिक संवाद को सशक्त बनाना, साहित्य और समाज से जुड़े प्रश्नों पर गंभीर विमर्श को बढ़ावा देना तथा भारतीय सामाजिक–सांस्कृतिक संदर्भों में ज्ञान-विस्तार में योगदान देना है। Sabad के माध्यम से परंपरागत और समकालीन विषयों पर विचार-विनिमय को प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे साहित्य और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में सार्थक विमर्श विकसित हो सके।
क्षेत्र (Scope):
Sabad मुख्यतः साहित्य और सामाजिक–सांस्कृतिक विमर्श से जुड़े विषयों को सम्मिलित करती है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र आते हैं—
1. साहित्य (Literature):
- हिन्दी साहित्य का इतिहास, सिद्धांत और आलोचना
- प्राचीन, मध्यकालीन और समकालीन साहित्य का विश्लेषण
- कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास, निबंध एवं अन्य विधाओं पर अध्ययन
- तुलनात्मक साहित्य एवं भारतीय भाषाओं के साहित्यिक विमर्श
- रचनात्मक लेखन, नवीन प्रवृत्तियाँ और साहित्यिक प्रयोग
2. कला एवं सांस्कृतिक अध्ययन (Arts & Cultural Studies):
- भारतीय कला परंपराएँ और सौंदर्यशास्त्र
- ललित कला, लोक कला, नाट्यकला और प्रदर्शन कलाएँ
- दृश्य कला, फिल्म अध्ययन और मीडिया संस्कृति
- लोकसंस्कृति, परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत
विशेष ध्यान (Special Focus):
Sabad विशेष रूप से भारतीय सामाजिक–सांस्कृतिक संदर्भों, स्थानीय अनुभवों और समकालीन प्रश्नों पर आधारित शोध एवं लेखन को प्राथमिकता देती है। पत्रिका उन रचनाओं और शोध आलेखों को महत्व देती है, जो साहित्य और समाज के बीच संवाद स्थापित करते हुए नए दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।
लक्षित पाठक वर्ग (Target Audience):
Sabad के लक्षित पाठक वर्ग में शोधार्थी, शिक्षाविद, साहित्यकार, शिक्षक, विद्यार्थी तथा वे सभी पाठक सम्मिलित हैं जो हिन्दी साहित्य, समाज और वैचारिक विमर्श में रुचि रखते हैं।